काले परछाई का शहर
नोयर शहर सैलून की धुंध में छिपी एक परालौकिक दुनिया के दरवाज़ों को खोलता है तब जादूगर जयंत को अपनी ही परछाई का पीछा करना पड़ता है। वह और उसकी सेवानिवृत्त पुलिसवाली साथी मीरा को नीलम नगरी के अंधेरे गलियों से गुजरकर एक ऐसे खतरे का सामना करना है जो जिंदगी और मौत की सीमाओं से परे है।
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